किराए पर क्वार्टर देनेवाले रेलकर्मी किए जाएंगे बर्खास्त

| July 29, 2019 | Reply

किराए पर रेलवे क्वार्टर देने वाले रेलकर्मी नौकरी से बर्खास्त किए जाएंगे। ऐसे कर्मी अपनी हरकतों से बाज आएं और किराए पर दिए गए क्वार्टर खाली करा कर विभाग को सूचित करें। यह निर्देश डीआरएम अनिल कुमार मिश्र ने दिया। वह रविवार को रांगाटांड़ रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण करने पहुंचे थे। डीआरएम ने अवैध कब्जाधारियों को भी रेलवे की जमीन खाली करने की हिदायत दी। उनके साथ अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल थे। इस कॉलोनी को रेलवे ने मॉडल कॉलोनी के तौर पर विकसित करने के लिए 3 करोड़ का प्राक्कलन तैयार किया गया है।








रेल कर्मचारी यूनियन के चुनाव को ले सरगर्मी तेज

 रेल कर्मचारी यूनियनों की मान्यता को ले अगस्त में होने वाले चुनाव की सरगर्मी अब आरा-बक्सर शाखा से जुड़े कर्मियों के बीच तेज हो गई है। रेल कर्मियों में सर्वाधिक 30 प्रतिशत इनकी संख्या होने के कारण सभी यूनियनों की इन पर विशेष नजर है। जबकि इनकी कई महत्वपूर्ण मांगों के लिए संघर्ष करना इन यूनियनों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही है। विगत तीन दिनों से आरा रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन प्लेटफॉर्म संख्या चार पर ट्रैक निर्माण कार्य हेतु प्रतिदिन 60 से 70 ट्रैकमैन यहां रात दिन सेवा दे रहे हैं। यहां काम में लगे लोगों ने बताया कि आरा में काम के दौरान थोड़ी बहुत सुविधा तो मिल भी जा रही है, पर बाकी दिनों में विपरीत मौसम में निर्जन स्थानों पर ट्रैक बनाने के दौरान उनकी सुध लेने भी कोई नहीं आता है। यूनियन की मान्यता को ले 28-29 अगस्त को रेल कर्मचारी यूनियन का चुनाव होगा।




 ट्रैकमैन ने बताया कि श्रम कानूनों को ताक पर रखकर आज भी उनसे 11-12 घंटे काम लिया जाता है। सुबह सात बजे से शाम छह बजे के बीच खाना खाने वहां से दूसरीे जगह जाने के लिए छुट्टी तक नहीं मिलती है। अपनी समस्याएं इसीआरकेयू के अध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय से भी कही। उन्होंने भविष्य में उनके हित में निरंतर संघर्ष करने का भरोसा भी दिलाया।

इधर आरा यूनिट के कर्मचारियों के बीच सक्रिय ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन, ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस तथा ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन के नेता व कार्यकर्ता अपने अपने यूनियन के पक्ष में कर्मचारियों को गोलबंद करने की जुगत में लग गए हैं। रविवार को पूमरे मजदूर यूनियन और ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के पदाधिकारियों ने डुमरांव से बिहिया तक सघन दौरा कर रेल कर्मचारियों की समस्याओं को हर संभव दूर करने का आश्वासन दिया।

यूनियन के उपाध्यक्ष शरत सिंह ने कहा कि यदि हमारी यूनियन को मान्यता मिलती है तो सबसे पहले ट्रैकमैन को विभागीय परीक्षा में हिस्सेदारी का हक दिलाया जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष एनके राय ने एनपीएस को समाप्त कराने की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए मजदूर यूनियन को वोट देने की अपील की। एआइआरटीयू के नेता धर्मवीर कुमार ने कहा कि पहले से मान्यता प्राप्त यूनियन सिद्धांत विहीन होकर कर्मचारियों से दूर हो गई है। जबकि रेलकर्मियों की समस्या खड़ी है। संपर्क अभियान में सत्येंद्र कुमार, अजीत श्रीवास्तव, सुनील कुमार, रामबचन, बैजनाथ प्रसाद, ज्ञानेश्वर प्रसाद, भोला यादव, सुग्रीव कुमार आदि शामिल थे।




ईसीआरकेयू के आरा-बक्सर यूनिट अध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि स्थानीय कर्मचारियों के हित में लंबे समय से निरंतर संघर्षरत है। हाल ही में कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन डिजिटल मेडिकल बनवाने से लेकर कर्मचारियों का नया आई कार्ड बनवाने में इसीआरकेयू के कार्यकर्ताओं ने भूमिका निभाई थी।

————-

ट्रैकमैन की प्रमुख समस्याएं :

– प्रोन्नति के माध्यम से नहीं मिलती है कैडर बदलने की सुविधा

– 13 विभागों में सबसे उपेक्षित है ट्रैकमैन का अभियंत्रण विभाग

– श्रम कानून के विपरीत आठ घंटे से अधिक देनी पड़ती है सेवा

– ऑन रिक्वेस्ट ट्रांसफर की नहीं है सुविधा

– अवकाश लेने में होती है परेशानी

– रिक्तियों के विरुद्ध महज 30 प्रतिशत ट्रैकमैन हैं कार्यरत

Category: Indian Railway

About the Author ()

Leave a Reply